रिकॉर्ड प्रबंधन
देश में बढ़ती आर्काइवल (अभिलेखागार) जागरूकता के साथ, वैज्ञानिक तरीकों से सार्वजनिक रिकॉर्ड का उचित प्रबंधन करना अत्यधिक आवश्यक हो गया है। यद्यपि सचिवालय अनुदेशों (Secretariat Instructions) का पैरा 52 विभिन्न श्रेणियों की फाइलों की प्रतिधारण अवधि (retention period) से संबंधित दिशा-निर्देश प्रदान करता है, लेकिन सरकारी विभागों की गतिविधियों में अत्यधिक विस्तार को देखते हुए यह महसूस किया गया कि समस्या से निपटने के लिए यह पर्याप्त नहीं है। इसलिए, सभी विभागों के लिए एक साझा ‘रिकॉर्ड रिटेंशन शेड्यूल’ (Records Retention Schedule – रिकॉर्ड प्रतिधारण अनुसूची) तैयार करना आवश्यक समझा गया। इसे तैयार कर प्रकाशित किया गया है और सभी विभागों को प्रसारित (circulate) कर दिया गया है। रिकॉर्ड रिटेंशन शेड्यूल RRS (यहाँ क्लिक करें) (आकार: 8.54 MB, प्रारूप: PDF, भाषा: अंग्रेजी)
विभाग ने सभी विभागों की कार्यात्मक फाइलों (Functional Files) का ‘रिकॉर्ड रिटेंशन शेड्यूल’ तैयार करने का कार्य भी हाथ में लिया है। पहले चरण में, दस विभागों की कार्यात्मक फाइलों का रिकॉर्ड रिटेंशन शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। विभाग ने राज्य सरकार के विभागों के रिकॉर्ड के निर्माण, रखरखाव और निपटान को नियंत्रित तथा निर्देशित करने के लिए ‘आर्काइवल पॉलिसी रिज़ॉल्यूशन’ (अभिलेखागार नीति संकल्प) भी तैयार किया है। यह राज्य सरकार के विभागों और कार्यालयों के कब्जे में मौजूद रिकॉर्ड की अभिरक्षा (custody), देखभाल और प्रबंधन तथा राज्य अभिलेखागार के लिए स्थायी मूल्य के सार्वजनिक रिकॉर्ड के चयन और संरक्षण के उत्तरदायित्वों को भी परिभाषित और विनियमित करता है।
व्यवस्थापन (Arrangement)
इस अभिलेखागार में प्राप्त रिकॉर्ड को ‘उत्पत्ति के सिद्धांत’ (Principle of Provenance) के अनुसार व्यवस्थित और रखा गया है। रिकॉर्ड को जिल्द (volumes) के रूप में रखा गया है, जैसा कि वे पंजाब राज्य अभिलेखागार से प्राप्त हुए थे। कुछ रिकॉर्ड लिफाफों में प्राप्त हुए थे। इन रिकॉर्डों को अलग-अलग फाइल कवरों में व्यवस्थित करके रखा गया है। फाइलों के रूप में प्राप्त रिकॉर्ड को राष्ट्रीय अभिलेखागार, नई दिल्ली (National Archives of India, New Delhi) द्वारा अपनाए गए पैटर्न पर रस्सी से कसकर बांधकर दो प्लाई बोर्डों के बीच बंडलों में रखा जाता है। इसके अलावा, विभिन्न जिला कार्यालयों से फाइलों के रूप में प्राप्त गोपनीय रिकॉर्ड को कार्टन बॉक्स में रखा जाता है। संपूर्ण रिकॉर्ड और पुस्तकों को स्टील रैकों पर रखा गया है।
संदर्भ माध्यम (Reference Media)
शोधकर्ताओं की सुविधा के लिए, संदर्भ माध्यम (Reference Media) के माध्यम से रिकॉर्ड की पुनर्प्राप्ति (retrieval) को आसान बनाया गया है। वर्ष 1984 से अंबाला और दिल्ली डिवीजनों के रिकॉर्ड की ‘प्रेस सूची’ (Press lists) तैयार करने और प्रकाशित करने का एक व्यवस्थित प्रयास किया गया था। अंबाला डिवीजन के सामान्य एवं राजनीतिक विभाग (1857-1880), सैन्य विभाग (1857-1873) और लोक निर्माण विभाग (1864-1880) की प्रेस सूचियां प्रकाशित की जा चुकी हैं। दिल्ली डिवीजन के सैन्य विभाग (1857-1869), राजनीतिक विभाग (1857-1864) और न्यायिक विभाग (1857-1873) की प्रेस सूची भी प्रकाशित की जा चुकी है।